आज फिर यूँ वो
February 21, 2012 Leave a comment
आज फिर यूँ वो ,दिल को याद आएँ है
बेशाख्ता अश्क़ आँखों से,उतर जाएँ है
मेरी धड़कन में है,तेरी यादों का हिसाब
बेगारी-ऐ-दिल,यूँ ही धडकता जाए है
दीन-ऐ-दिल का ख्याल भी दिल को हो
बेवफाई उसकी हो,जिस से वफ़ा पाए है
मुश्किल भी नहीं है,इश्क की राह ‘शादाब’
गर कदम जो उसके,मेरा साथ निभाए है




