दीया है दिल अगर उसको ,बशर है क्या कहिये …


I was searching for gazal on the web ………..but most of the I found in the hinglish, Its odd to read urdu in english font .So,I just started rewrite them in their original font,as I think its help me and may be for others also to learn urdu easily ………..I am also including the meanings of some tough words ……… Lets enjoy first gazal on my blog ……….. please do keep writing comments ….

दीया है दिल अगर उसको ,बशर है क्या कहिये
हुआ रकीब तो हो ,नामाबर है ,क्या कहिये
[बशर=आदमी ,रकीब=प्रतिस्पर्धी ,नामाबर = संदेशवाहक ]

ये जिद की आज न आये ,और आये बिन न रहे
कज़ा से शिकवा हमें किस कदर है क्या कहिये
[कज़ा =भाग्य , शिकवा =शिकायत ]

रहे है यो गह-ओ-बे-गह की कू-ए-दोस्त को अब
अगर न कहिये दुश्मन का घर है ,क्या कहिये
[गह=समय ,कू-ऐ-दोस्त = दोस्त की गली ]

ज़ह-ऐ-करिश्मा की यों ,दे रखा है हमको फरेब
की बिन कहे उन्हे सब खबर है ,क्या कहिये
[ज़ह=बचपन ,फरेब=दोखा ]

समझ के करते है बाज़ार मैं वो पुर्सिश-ऐ-हाल
के यह कहे की सर-ऐ-रहगुज़र है ,क्या कहिये
[पुर्सिश=जानकारी,सर-ऐ-रहगुज़र=सड़क पर ]

तुम्हें नहीं है सर-ऐ-रिश्ता-ऐ-वफ़ा का ख्याल
हमारे हाथ में कुछ नहीं है ,मगर है क्या ,कहिये

उन्हें सवाल पे ज़ोअम-ऐ-जूनून है ,क्यों लड़िये
हमें ज़वाब से कता-ऐ-नज़र है ,क्या कहिये
[ज़ोअम=गर्व,कता-ऐ-नज़र है=नज़र अंदाज़ ]

हसद सजा-ऐ-कमाल-ऐ-सुकून है,क्या कीजे
सितम,बहा-ऐ-मता-हुनर है ,क्या कहिये
[हसद=दुश्मन,बहा=कीमत,मता=कीमती ]

कहा है किसने की ‘ग़ालिब’ बुरा नहीं लेकिन
सिवाय इसके की आशुफ्ता-सर है ,क्या कहिये
[आशुफ्ता-सर= दिमागी बीमार ]

— ग़ालिब

Advertisements

Your feedback is very important for me ..please leave a comment !!!

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s