Happy New Year


विगत वर्ष देखे मैंने, कुछ सपने कुछ ख्वाब अधूरे
कुछ दिल की पीड़ा देखी,देखे कुछ मुस्कुराते चेहरे
अरमानो के पर भी देखे,मजबूरी के बंधन भी
तम सी गहरी रात भी देखी,देखे कुछ नए सवेरे भी
.
मधु से मधुघट में गिरती मदिरा देखी
साकी के होठो से छूती अधीरा भी देखी
पीने वालो की तडपन देखी,देखी निश्छल छाया
बनके रूपसी ठगने वाली,देखी चंचल माया
.
सूरज का वो तेज भी देखा
चाँद की सुखन शीतलता भी
देखा कल कल गिरता झरनों से जल
फिर नदी बन,बहती निर्मलता भी
.
अनजाने चेहरों के पीछे
जानी पहचानी बातें देखी
फिर कुछ अपनों के मन में
बेगानी होती यादें देखी
.
प्रेयसी का पावन प्यार भी देखा
दर्पण में रच श्रृंगार भी देखा
होठो पे बहती मादकता देखी
नैनो में बसता संसार भी देखा
.
बहुत मिला विगत वर्ष से मुझको
अब आशाओ के कदम नव वर्ष में
रंगों से नहाये ये धरती,जन सब इसके
बीते जीवन,सुखमय अविरत हर्ष में
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5 thoughts on “Happy New Year

  1. Ye kavita nahin,ye to bete hue saal ke wo pal hain jo ki isko padh kar fir se yaad aate ja rahe hain…………………………………………………..

  2. आपकी काव्‍यमय कामना के लिये आभर व आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें।
    तिलक राज कपूर

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