कोई दीवाना याद आता है ….


आज भी तेरा यूँ नज़रे झुका के, शर्मना याद आता है
यादो में समां के, दिल में उतर जाना याद आता है

बहुत बरसते है बादल,टकराती है घटाए भी पर
मेरे चेहरे पे तेरा यूँ ,जुल्फ गिराना याद आता है

आकर मेरे करीब चुपके से मुस्कुरा जाना तेरा
फिर अपने पल्लू से आंसू छुपाना याद आता है

मुश्किलें थी मिलन में और संग दिल था जमाना
पर ऐसे में भी तेरा वादा निभाना याद आता है

हमने तो सब कुछ फ़ना किया इश्क में ‘शादाब’
क्या तुझको भी ऐसा कोई दीवाना याद आता है

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One thought on “कोई दीवाना याद आता है ….

  1. you know one thing

    बहुत बरसते है बादल,टकराती है घटाए भी पर
    मेरे चेहरे पे तेरा यूँ ,जुल्फ गिराना याद आता है

    aise hi kuch bhaav wali line meri currently running poem mein hain ..

    bahut sahi likha hai aapne

    specially lines stolen my heart
    मुश्किलें थी मिलन में और संग दिल था जमाना
    पर ऐसे में भी तेरा वादा निभाना याद आता है

    chahata hoon, kabhi koi bole yahi lines mujhe …
    🙂

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